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सिकंदर की मृत्यु किसी रहस्यमई बीमारी की वजह से हुई आई थी। इसकी मृत्यु से जुड़ा कोई ठोस तथ्य आज तक सामने नहीं आया है। आगे इस पोस्ट में पढ़ें सिकंदर की मृत्यु व जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें –

सिकंदर महान प्राचीन इतिहास की सबसे प्रख्यात शख्सियत में से एक था। बचपन से ही इसे देखकर ऐसा लगता था कि आगे भविष्य में ये कुछ तो ऐसा करेगा जो कोई साधारण मनुष्य नहीं कर सकता है। महज़ 12 साल की उम्र में सिकंदर ने एक जंगली और बहुत ही खतरनाक बिगड़ैल घोड़े को काबू में किया था। इस जंगली घोड़े के नाम ब्यूसीफेलस था। इस पर काबू पाना किसी के बस की बात नहीं थी। लेकिन छोटी सी उम्र में ही सिकंदर ने इस पर काबू पा लिया और सबको ये बताया कि अगर इतनी सी उम्र में इतने खतरनाक जंगली घोड़े को वो अपने कब्जे में ले सकता है, तो आगे वो क्या नहीं कर सकता है। बाद में सिकंदर ने दुनिया को अपनी ताकत का लोहा मानने पर मजबूर कर दिया था और उनके साथ ब्यूसीफेलस नाम का ये घोड़ा हमेशा एक साथी की तरह खड़ा रहा था।

सिकंदर मेसिडोनिया का रहने वाला था। इसका जन्म 356 ईसा पूर्व में हुआ था। अगर बात करें मेसिडोनिया की तो ये उत्तरी यूनान से बाल्कन तक फैला हुआ, एक क्षेत्र था। सिकंदर बहुत छोटा सा था, जब उसके पिता की हत्या, उनके किसी गार्ड के हाथों ही कर दी गई थी। पिता के जाने के बाद अब उत्तराधिकारी कौन होगा, ये एक नया सवाल था।

राजा की गद्दी को लेकर संघर्ष शुरू हो गया था। संघर्ष काफी दिनों तक चला और सिकंदर ने अपने विपक्षियों को धूल चटाकर, महज़ 20 वर्ष की आयु में राजगद्दी हासिल की थी। राजा बनने के बाद सिकंदर ने 12 वर्ष तक अच्छा से शासन किया था और 12 हज़ार मील तक की विजय प्राप्त की थी। ऐसा कहा जाता है कि सिकंदर ने जहां कहीं भी पैर रखा था, वो क्षेत्र उसका हो जाता था। उसे देखकर सबको ये लगने लगा था कि वो एक देवता है। फिर आगे चलकर सिकंदर को भी ऐसा लगने लगा था कि मानो वो एक देवता ही है। लेकिन फिर भारत से जब वो वापस मेसिडोनिया जाने लगा तो अचानक सिकंदर की मृत्यु हो गई थी। उसकी मृत्यु कैसे हुई थी, अब आगे इस पोस्ट में हम इस पर चर्चा करेंगे।

सिकंदर का भारत आगमन

सिकंदर की मृत्यु

328 ईसा पूर्व में सिकंदर का सामना भारत के राजा पोरस से हुआ था। सिकंदर और पोरस दोनों की सेना दमदार थी, दोनों ही सेनाओं ने एड़ी चोटी की ताकत लगा दी थी। आखिर में सिकंदर ने पोरस को हराकर जीत का बिगुल बजा दिया था। लेकिन, पोरस को हार का स्वाद चखाने के बाद भी उसने उसका राज्य उससे नहीं छीना था।

ऐसा कहा जाता है कि सिकंदर, राजा पोरस से काफी प्रभावित था, इसीलिए वहां से जाते- जाते वो राजा पोरस का राज्य उसे वापस लौटाकर गया था। पोरस को हराने के बाद सिकंदर ने अपनी सेना को लेकर सिंध की तरफ़ रुख किया, लेकिन फिर उसकी सेना ने आगे बढ़ने से इंकार कर दिया और वापस लौटने के लिए आग्रह किया। सेना की बात मानकर सिकंदर आगे नहीं बढ़ा।

फिर 325 ईसा पूर्व में सिकंदर ने अपनी सेना के साथ उत्तर की ओर पार्शियन खाड़ी की तरफ जाने की योजना बनाई। उस समय उसकी सेना के काफी लोग बीमार पड़ने लगे थे, उनमें से कई की तो मृत्यु भी हो गई थी। उसकी ये चाह थी कि वो मेसिडोनिया तथा पर्शिया के लोगों को एजकुट करे। जिससे एक मजबूत शासन वर्ग का निर्माण किया जा सके। इसीलिए उसने मेसिडोनिया के बहुत से लोगों की बहुत कम उम्र में ही पर्शिया की राजकुमारियों के साथ शादी करवा दी थी।

सिकंदर महान की मृत्यु

सिकंदर की मृत्यु 2

इतिहास के अगर दस्तावेजों को उठाकर देखा जाए तो ये सामने आता है कि सिकंदर की मृत्यु किसी रहस्यमयी बीमारी के चलते हुई थी। ऐसा कहा जाता है कि उनके जीवन के अंत समय में उन्हें किसी प्रकार का एक झटका लगा था और इसी के बाद ही उन्होंने दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।

सिकन्दर को हमेशा ही विश्व के सबसे महान विजेताओं में से एक माना गया हैं। बहुत छोटी सी उम्र में ही उसने एशिया, यूरोप और अफ्रीका के अधिकांश हिस्सों पर अपना कब्ज़ा जमा लिया था। जब सिकंदर की मृत्यु हुई, उसके एक हफ्ते पहले से ही उसके शरीर को काफी कष्ट सहने को मिल रहा था। बीमार होने की एक रात पहले सिकंदर महान ने अपनी सेना के एक नौसैनिक अधिकारी के साथ निरचुस को शराब पिलाई थी। उसके बाद अचानक ही उसकी तबियत खराब हो गई थी, जिसकी वज़ह से सिकंदर की मृत्यु हो गई थी।

सिकंदर की मृत्यु को लेकर कोई ठोस मत आज तक नहीं मिला है, लेकिन कुछ इतिहासकारों का ऐसा मानना है कि सिकंदर की मृत्यु बेबीलोन में 33 वर्ष की उम्र में 323 ईसा पूर्व में हुई थी। सिकन्दर ने जब भारत में आक्रमण किया था, तो उसका सामना यहां के राजा पोरस के साथ भी हुआ था। सिकंदर उस समय पोरस से काफी प्रभावित था, जिसकी वज़ह से उसने उससे जीता हुआ राज्य, उसे वापस लौटा दिया था।

फिर जब पोरस से जीत हासिल करने के बाद वो वापस बेबीलोन की तरफ़ जाने लगा था तो बीच रास्ते में ही उसका निधन हो गया था। उसके अचानक निधन होने को लेकर ऐसा कहा जाता है कि उसकी मौत उसके घावों में होने वाले इन्फेक्शन की वजह से हुई थी, वहीं कुछ लोगों का ऐसा कहना है कि सिकंदर की मृत्यु मलेरिया रोग की वजह से हुई थी।

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